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खेती की नयी तकनीक से अवगत हुए कृषक

N7News Admin 09-01-2019 04:56 PM गिरीडीह

जिला स्तरीय कृषि मेला सह प्रदर्शनी।



Reported by:आशुतोष श्रीवास्तव 

गिरिडीह।

कृषि एवं गन्ना विकास विभाग और आत्मा के सौजन्य से स्थानीय झंडा मैदान में जिला स्तरीय कृषि मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे किसानों ने जहां अपनी-अपनी समस्याओं और अनुभव को साझा किया। वहीं कृषि की नयी-नयी तकनीक की जानकारी भी हासिल की।

किसानों को किया गया पुरस्कृत:

कृषि के क्षेत्र में बेहतर करनेवाले किसानों को विभाग की ओर से पुरस्कृत भी किया गया। समारोह में जिप अध्यक्ष राकेश महतो, डीडीसी मुकुंद दास समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारियो ने संयुक्त रूप से कृषि मेला सह प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरान झंडा मैदान में भूमि संरक्षण, मत्स्य, गव्य विकास, कृषि, उद्यान आदि विभागों की ओर से स्टॉल लगाया गया। उन स्टॉलों पर संबंधित विभागों की ओर से किसानों के लिए चलायी जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गयी. साथ ही कई किसानों को वर्ष 2017-18 में श्री विधि से धान की खेती करने वाले किसानों के बीच प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया।

फसलों से बिमारियों को दूर करने की जानकारी: 

इस दौरान दूर-दराज से आये किसानों ने फसलों में होनेवाली विभिन्न बीमारियों को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका जवाब कृषि वैज्ञानिकों ओरे पदाधिकारियों ने दिया। साथ ही बीमारियों के उपचार भी बताए।

किसान देश की रीढ़:

समारोह को सम्बोधित करते हुए आगंतुक अतिथियों ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं। संबधित विभाग और प्रशासन किसानो को हर तरह की मदद देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए किसानो को आगे आना होगा। जिप अध्यक्ष ने कहा कि किसान अधिक से अधिक कृषि यांत्रिकीकरण का उपयोग करें, ताकि कम खर्च में अधिक उपज हो। यहां कृषि क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। फिर भी यहां के लोग रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन करते हैं। किसान बाहर जाने के बजाय कृषिकार्य करें और आगे बढ़ें। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों के लिए सरकार की ओर से चलायी जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को जिला एवं प्रखंड स्तर पर पुरस्कृत किया जाता है। श्रीविधि एवं स्वी विधि से खेती करनेवाले किसानों को प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है जो सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है।





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