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श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर इंटर स्टेट को-ओर्डिनेशन मीटिंग

N7News Admin 08-07-2019 10:00 PM विशेष ख़बर

इंटर स्टेट को-ओर्डिनेशन मीटिंग।




देवघर।

राजकीय श्रावणी मेला, 2019 के सफल संचालन के लिए सुल्तानगंज से देवघर तक श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधा व सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था मिले तथा दोनों राज्यों के बीच कैसे को-ओर्डिनेशन मजबूत हो, इसके लिए झारखण्ड एवं बिहार इंटर स्टेट को-ओर्डिनेशन की बैठक देवघर परिसदन में आयोजित की गई।

बैठक में संथाल परगना आयुक्त विमल, भागलपुर आयुक्त वन्दना किनी, डीआईजी भागलपुर व मुंगेर विकास वैभव, डीआईजी संथाल परगना आर के लकड़ा, जिलाधिकारी, भागलपुर प्रणव कुमार, जिलाधिकारी, मुंगेर राजेश मीना, जिलाधिकारी, बांका कुन्दन कुमार एवं उपायुक्त दुमका राजेश्वरी बी, देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा के अलावे भागलपुर एसएसपी आशीष भारती, मुंगेर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, जमुई पुलिस अधीक्षक जग्गुनाथ रेडडी, पुलिस अधीक्षक, दुमका वाई बी रमेश, पुलिस अधीक्षक देवघर नरेन्द्र कुमर सिंह, भागलपुर, बांका एवं जमुई के संबंधित विभाग के विभिन्न आलाधिकारी आदि उपस्थित थे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेला का सफल संचालन

बैठक की शुरूआत करते हुए संथाल परगना आयुक्त विमल कुमार द्वारा बतलाया गया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा करना है, ताकि सुल्तानगंज से जल भरने के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा जिन-जिन स्थानों से होकर पैदल यात्रा की जाय, वहां श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। इसके लिए कांवरिया मार्ग में पड़ने वाले सभी जिलों द्वारा आपसी समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाय, ताकि श्रद्धालु सुगमतापूर्वक जलार्पण कर पायें और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। 

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट:

संथाल परगना आयुक्त द्वारा आगे जानकारी दी गई कि श्रावणी मेला के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु देवघर व दुमका आते हैं। ऐसे में उन सभी को व्यवस्थित व सुगमतापूर्वक से जलार्पण कराना प्रशासन के लिए एक चुनौतिपूर्ण कार्य है। यहां आगन्तुक सभी श्रद्धालुओं के भीड़ को नियंत्रित करने हेतु पूरे मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट बनाये गये हैं, जहां सभी मूलभूत सुविधाएँ यथा- बिजली, पंखा, शौचालय, मोबाईल चार्जिंग, स्वास्थ्य सुविधा, स्नानागार व पेयजल सुविधा आदि होंगी। इसके अलावा पूर्व की तरह गर्मी को देखते हुए होल्डिंग प्वाइंट में मिस्ट शाॅवर सिस्टम की भी व्यवस्था की जायेगी, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को गर्मी व थकान से निजात मिलेगी। 

आधुनिक तकनीक के ज़रिये 24 घंटे दोनों राज्य के आलाधिकारी जुड़े रहेंगे:

संथाल परगना आयुक्त द्वारा आगे बतलाया गया कि इस बार मेला क्षेत्र के सारे नियंत्रण कक्ष को एक हीं जगह पर मानसरोवर के पास बनाया जा रहा है, ताकि उसके माध्यम से मेला क्षेत्र में हो रहे गतिविधियों पर चैबिसों घंटे नजर रखी जायेगी एवं त्वरित कार्रवाई की जायेगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूचना तकनीकी को और भी सुदृढ़ किया जायेगा। आधुनिक सूचना तकनीकी व्हाट्स एप्प में अधिक से अधिक दोनों राज्यो के अधिकारियों को जोड़ा जायेगा, ताकि सूचना मिलते हीं त्वरित कार्रवाई की जा सके। वहीं हाॅटलाईन से 24 घंटे दोनों राज्य के आलाधिकारी जुड़े रहेंगे। इसके अलावे सीमावर्ती इलाकों में वायरलेस सिस्टम को और भी दुरूस्त किया जायेगा और वायरलेस की फ्रिक्वेंसी भी इन इलाकों में बढ़ाई जायेगी। साथ हीं संथाल परगना आयुक्त द्वारा बतलाया गया कि सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान व भीड़ नियंत्रण के लिए देवघर पुलिस द्वारा भागलपुर जिला अन्तर्गत सुल्तानगंज एवं बांका जिला के इनारावरण एवं सुईया में कुल तीन अस्थाई पुलिस चौकी बनायी जाएगी, ताकि उसके माध्यम से कांवरिया मार्ग के पल-पल की जानकारी का आदान-प्रदान होता रहे।

मेले के दौरान वीआइपी पास की सुविधा नहीं :

आयुक्त ने बताया कि मेले के दौरान वीआइपी पास की सुविधा नहीं मिलेगी. लेकिन शीघ्र दर्शनम की सुविधा यथावत रहेगी. अत्यधिक भीड़ का दबाव रहने के कारण रविवार-सोमवार को शीघ्र दर्शनम की सुविधा नहीं दी जायेगी। 

सोशल मीडिया पर रहेगा विशेष ध्यान :

इसके अलावे आयुक्त द्वारा सभी आलाधिकारियों को निदेशित किया कि मेला के दौरान सोशल मीडिया पर भी विशेष ध्यान रखा जाय, ताकि किसी प्रकार की अफवाहों पर तुरंत पूर्णविराम लगाया जा सके।

समन्वय स्थापित कर रखी जाएगी शांति-व्यवस्था:

भागलपुर आयुक्त वंदना किनी द्वारा बतलाया गया कि पूरे मेला के दौरान बिहार एवं झारखण्ड के आलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शांति-व्यवस्था कायम रखी जायेगी। सूचनाओं का आदान-प्रदान की व्यवस्था रहेगी, जिसके माध्यम से भीड़ नियंत्रण में सहुलियत होगी। साथ हीं श्रद्धालुओं को सुगम जलार्पण भी कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावे उन्होंने बताया कि श्रावणी मेले में जलार्पण संबंधी जो व्यवस्था की गई है एवं रूटलाईनिंग का मैनेजमेंट, खान-पान व आवासन आदि की जो सुविधाएं हैं, उन सभी सूचनाओं से संबंधित बड़े होर्डिंग्स का अधिष्ठापन इस बार सुल्तानगंज से लेकर देवघर व अन्य इलाकों में कराये जायेंगे, ताकि इससे यहां आगन्तुक कांवरियों को आवश्यक जानकारी मिल सके। इसके अलावा उन्होंने उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा के आग्रह पर बिहार से आने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों के छतों पर किसी भी सूरत में श्रद्धालुओं को न बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।

लगेंगे सूचनाओं से लैस बड़े-बड़े होर्डिंग्स:

भागलपुर आयुक्त वंदना किनी ने कहा कि देवघर में मेले में जो जलार्पण की व्यवस्था बनायी गयी। रूटलाईनिंग का जो मैनेजमेंट है. खान-पान, आवासन आदि की जो सुविधाएं हैं, सभी सूचनाओं से लैस बड़े-बड़े होर्डिंग्स इस बार सुल्तानगंज से जमुई, मुंगेर सहित अन्य इलाकों में लगेंगे। इससे बिहार से आने वाले कांवरियों को सही सूचना मिल जायेगी।

भीड़ के दबाव को कम करने की होगी कोशिश:

भागलपुर आयुक्त ने बताया कि देवघर के अधिकारियों की टीम सीधे बांका, जमुई, भागलपुर के अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। देवघर में कांवरियों के भीड़ के दबाव की जानकारी शेयर करेंगे। देवघर में अत्यधिक भीड़ का दबाव होने की स्थिति में कांवरिया पथ पर ही श्रद्धालुओं को रोकने का प्रयास कि जायेगा। साथ हीं कोशिश की जायेगी कि सोमवारी को होने वाले देवघर में आगन्तुक श्रद्धालुओं को अत्यधिक भीड़ को होल्डिंग प्र्वाइंटस के माध्यम से कम किया जाय। इसके अलावे उन्होंने डाक बम को पूर्व की तरह इस वर्ष भी किसी प्रकारी सुविधा मुहैया करायी जायेगी इसको लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार बिहार में कराये जाने का आग्रह किया। साथ हीं उन्होंने मेला के दौरान प्रतिदिन के रिर्पाेट का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने की बात कही।

इस वर्ष भी मांस-मदिरा की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी:

बैठक के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने राजकीय श्रावणी मेला के दौरान आगन्तुक श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुख-सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत जानकारी सभी दी गयी। इसके अलावा उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा द्वारा जानकारी दी गयी कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान पूर्व की भांति इस वर्ष भी मांस-मदिरा की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। लगभग श्रावणी माह में 40 लाख व भादो में 20 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में सभी का सहयोग पूर्व की तरह मिलता रहे तो मेला के सफल संचालन में काफी सुविधा होगी। 

कांवरिया पथ पर रहेंगे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम :

बैठक के दौरान विभिन्न बिन्दुओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा की गयी। साथ हीं दोनों राज्यों में सुल्तानगंज से देवघर और सभी कांवरिया पथ पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायेंगें। इसके अलावे देवघर की सारी व्यवस्थाओं से जुड़े बैनर-पोस्टर जमुई, बांका, मुंगेर, भागलपुर एवं सुल्तानगंज के कावरिया रूट में लगाये जायेंगें। इसके अलावे दोनो राज्यों के संबंधित अधिकारी चैबिसों घंटे सम्पर्क में रहेंगें।     


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