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यहां सिस्टम की नहीं बाबुओं की चलती है मनमानी और ठेंगे पर दफ्तर

N7News Admin 12-02-2020 05:42 PM राज्य

दफ्तर में धुल फांकती कुर्सियां।




मधुपुर/देवघर।

ये सिस्टम से नहीं.. सिस्टम को चलाते हैं.. यहां दफ्तरों में नहीं ठेंगे पर होता है सरकारी काम.... झारखंड राज्य के देवघर जिले का मधुपुर अनुमंडल. जहां.. चलती है बाबुओं की मनमानी.... 

झारखंड राज्य.. जहां के सीएम हेमंत सोरेन मौखिक और लिखित तो छोड़िये.. सिर्फ ट्वीटर के जरीये पूरे राज्य के प्रशासन को एक्शन मोड में ला चुके हैं.. उसी राज्य में कुछ बाबुओं का रवैया ऐसा है, जिन्हें न तो अपने वरीय अधिकारियों का डर है और ना ही सिस्टम का खौफ.. क्योंकि.. इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है. ये अपना सिस्टम खुद चलाते हैं... 

ये हाल है देवघर जिले के सहायक अभियंता, ग्रामिण विकास विभाग ग्रामीण कार्य मामला कार्य अवर प्रमंडल मधुपुर का... जहां धुल फांकते दफ्तर और बिखरी पड़ीं तस्वीरें बाबुओं के कार्यशैली की सच्चाई बयां कर रही है. इस बात की सच्चाई कि इस कार्यालय ने शायद ही कभी अपने बाबुओं के चेहरे को देखा होगा. बाबुओं यानि साहब.. इस कार्यालय के साहब हैं सहायक अभियंता मधुपुर और कनिय अभियंता मधुपुर. जिन्हें न तो यहां के आसपास के लोगों ने आजतक देखा और न ही साहबों ने यहां कदम रखा. यही वजह है कि ज्यादातर इस दफ्तर में ताले ही जड़े होते हैं. ताज्जुब की बात तो यह है कि ये कोई एक-दो दिन की बात नहीं, बल्कि ये सिलसिला सालों से चलता आ रहा है. 

ताला

कार्यालय में विभागीय बोर्ड आपको ढुंढने से भी नहीं मिलेगा. विभागीय अभियंता जिन्हें अपने कार्य के लिए अपने कार्यालय में बैठना आवश्यक है, वो नजर नहीं आते, अब सवाल ये उठता है कि क्या यहां कोई कार्य ही नहीं होता, और अगर नहीं होता तो इस कार्यालय की जरूरत ही क्या है. और अगर कार्य हो रहा है तो अभियंता कहां से कार्य कर रहे. 

दफ्तर का न खुलना और अधिकारियों का न आना कई सवाल को जन्म देता है.. सवाल ये भी है कि क्या इन्हें वरीय अधिकारियों का सपोर्ट मिला हुआ है, इसलिए सभी की मिलीभगत से ये कभी कार्यालय ही नहीं आते.

सरकारी बाबुओं के दफ्तरों का ऐसा रवैया सिर्फ ग्रामिण विकास विभाग ग्रामीण कार्य मामला कार्य अवर प्रमंडल मधुपुर का ही नहीं बल्कि इसी भवन में स्थित पीडब्लूडी विभाग का भी है. 

वहीं, इस मामले पर पुछे जाने पर मधुपुर एसडीएम योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी, विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया जायेगा कि वो अपने कार्यालय सुचारू रूप से चलायें. 

बहरहाल, सरकार लाख कोशिश कर ले कि जनता को हर योजनाओं का लाभ मिलें, लेकिन सरकारी कार्यालयों को चलाने वाले उसके अधिकारी अपने रवैये से सरकार की कोशिशों पर पानी फेर देते हैं. अब, देखना दिलचस्प होगा कि क्या हेमंत सरकार ऐसे बाबुओं पर नकेल कसती है या हमेशा की तरह ये अधिकारी अपनी मनमानी ही करते नजर आयेंगे. 


नमन





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