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अब.. सिर्फ एक वायरस ही इकलौती समस्या नहीं रही ..

N7News Admin 20-05-2020 06:15 PM विशेष ख़बर

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By: गौतम कुमार

देवघर।

हाँ.... एक वायरस इकलौती समस्या अब नहीं रही ,इसनें कई गम्भीर समस्याओं को जन्म दे दिया है ।  इस वायरस ने इंसानी जीवन को आगे बढ़ाने में सहयोगी सभी गतिविधियों पर एक प्रकार Pouse बटन दबा दिया है , हाँ... ये स्टॉप बटन नहीं है इसने सिर्फ कुछ समय के लिए इंसानी जीवन को Pouse कर दिया है । और ये इंसानी जीवन के लिए सबसे गम्भीर समस्या है कि हम कैसे दुबारा इंसानी जीवन को व्यवहारिक रूप से Play करें ।

Covid-19- इसने हमें एक लॉक डाउन में बंद कर दिया है। हम उससे बाहर आने का प्रयास कर रहे है. अपने जीवन को दुबारा चालू करने का प्रयास कर रहें है। लेकिन फ़िलहाल तो इस वायरस ने हमरी जिंदगी को Pouse कर के रखा हुआ है । इस वायरस ने हमारे सामने कई समस्याएं और चुनौतियां खड़ी कर दी है । इस वायरस ने हमारी आने वाली पीढ़ी की शिक्षा और वर्तमान पीढ़ी की रोजी-रोटी, रोजगार पर भी Pouse बटन लगा दिया है। इस वायरस ने सभी आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक , औद्योगिक , राजनीतिक या यूँ कहें कि सभी इंसानी गतिविधियों को कुछ समय से रोक कर खड़ी है ।

हमने इंसानो के बारे में बस इतना ही पढा था कि ये निरंतर चलती रहती है... इनकी गतिविधियाँ कभी रुकती नहीं है. ये क्रमागत विकास को मानने वाली है, लेकिन ये इंसानी इतिहास की पहली घटना है कि जब इंसानी विकास कुछ समय के लिए बिल्कुल रोक दी गई है और उनकी गतिविधियों को एक तरह से pouse कर दिया गया है ।  हाँ शायद अब इतिहासकार इसके बाद इतिहास को दो भागों में बांट देंगे पहला BC (Before Corona कोरोना के पहले का इतिहास) दूसरा AC (After corona कोरोना के बाद का इतिहास ) । हाँ ऐसा ही होगा .. क्योकि इस कोरोना वायरस ने इंसान की सभी गतिविधियों यहां तक कि शिक्षा पर भी रोक लगा दी है ।

इस वायरस ने हमारे सामने कई क्रूर अमानवीय तस्वीरें प्रस्तुत की है, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते है । लेकिन हमारे लिए समस्या महत्वपूर्ण नहीं है हम समाधान चाहते है । नहीं-नहीं सिर्फ वायरस का नहीं इस वायरस ने जितनी भी समस्याएँ पैदा की है, उन सभी के समाधान पर हमें विचार करना होगा । क्योकि इस वायरस ने स्वयं से भी अधिक गम्भीर समस्याएँ पैदा कर दी है । इस वायरस का समाधान तो टिका है जिसपर दुनिया भर के वैज्ञानिक काम कर रहे है । लेकिन इस वायरस ने जो समस्याएँ पैदा की है उसका समाधान किसी वैज्ञानिक के पास नहीं है. तो क्या इन समस्या का समाधान नही है ? नहीं-नहीं मैं ऐसा नहीं कहता इसका समाधान है और इसका समाधान खुद इस वायरस ने ही हमें बताया है । जी हाँ इस वायरस ने इंसानी जीवन को इस संकट से निकलने के लिए समाधान दिखाए है, लेकिन इसके लिए हमें इस वायरस से जीवन जीना सीखना होगा। हमें स्वयं को इस वायरस की तरह लचीला बनाना होगा। जैसे इस वायरस ने दुनिया के सभी भौगोलिक परिस्थितियों में स्वयं के जीवन को पूरी जोश और ताकत के साथ जिया है । हमें भी पूरी जोश और जबरदस्त उत्साह के साथ उछल कर वापसी करनी होगी इस वायरस की तरह । आने वाले वक़्त में हमें पूरी ताकत के साथ इंसानी गतिविधियों को करना होगा तभी हम इस वायरस के संकट से उबर पाएंगे । हम सभी को अपने सभी क्षमताओं में वो चाहे शारीरिक हो या फिर मानसिक 100% बेहतर सुधार के साथ वापस आना होगा , हमें अपनी कार्यशैली में 100% अधिक जोश, क्षमता और सुधार के साथ वापस आना होगा ,साथ ही साथ हमें अपने अनावश्यक उपभोग में 25 से 30%  की कमी करनी होगी ताकि कोई भी आवश्यक उपभोग से वंचित न रह जायें ।

हममें से हर किसी को लॉक डाउन के बाद खुद के अंदर एक नए सुधार के साथ वापस आना होगा। क्योकि देश में मौजूदा सम्भावनएँ और सम्पदा को इस लॉक डाउन में वायरस ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। सभी सम्पदाएँ ज्यो के त्यों ही पड़ी हुयी है. बस इसने मानवीय सम्पदा को कुछ देर के लिए रोक दिया है। सम्भावनाओं को नहीं , सम्भावनाएँ अभी भी ज्यों के त्यों बनी हुयी है. बस जरूरत है एक शुद्धता,  उत्साह और विश्वास की। इसके बाद सब कुछ पहले जैसा ही चलेगा सामान्य। जहां कोई pouse बटन न हो। 





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