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रिश्तों में भी ठंडक दे रहा पंखा, पंखे के कारण बेटी को नही जाने दिया ससुराल

N7News Admin 26-05-2020 12:58 PM दुमका

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By: अजय झा

* बेटी के हाथों खराब हो गया था पंखा

* मायके वालों ने कहा पंखा ठीक करा कर लाओ जब जाना ससुराल

* पंखा ठीक हुआ अब बेटी हंसी खुशी जाएगी ससुराल


दुमका।

गर्मी का मौसम है पंखे का बाजार भी गर्म है। पंखा ठीक करने वाले मैकेनिक की भी चांदी कट रही। पोर्टेबल पंखों की विशेष कर खूब डिमांड है। ये पंखा कितना एहमियत रखता है गांव वालों के लिए एक अचंभित करने वाली बात आज सामने आई।

एक लड़की की शादी एक साल पहले ही घरवालों ने की थी। बेटी लॉक डाउन के पहले मायके आई थी। इस लॉक डाउन के दौरान ही मायके में उसके हाथों एक पोर्टेबल पंखा वोल्टेज के कारण खराब हो गया। बाजार में उस पंखे की कीमत महज 600 रुपये है। जब बेटी के हाथों पंखा खराब हुआ तो मायके वाले दुखी हो गए। सोचने लगे शायद ये पंखा नही रहेगा तो कैसे गर्मी कटेगी। मायके वालों ने बेटी से कहा पिछले साल ही धान बेचकर पंखा खरीदा था और आज खराब कर दी। उस बेटी से कहा गया पंखा तुमने खराब किया है तुम ही ठीक करवा कर लाओ। बेटी सीधी सादी माता पिता की आज्ञाकारी चली बगल के बाजार में उसे ठीक कराने। पंखों की मरम्मती के बोझ के कारण उस मेकेनिक ने उस बेटी को दो दिन का समय दे दिया। बेटी दो दिन बाद मेकेनिक के पास पंखा लेने पहुंची लेकिन उस समय तक भी वो पंखा नही बना था। फिर उस मेकेनिक ने दो दिन का समय मांगा। बेटी जब मायके पहुंची तो मायके वाले उसपर आग बबूला हो गए। इतनी गर्मी और एक पंखा नही बनवा पाई। तभी उसके मोबाइल पर उसके ससुराल से पति का फोन आया कब आओगी। उस बेटी ने कहा जल्द लॉक डाउन खत्म होते ही। पति ने कहा तैयार हो सिर्फ मैं लेने तुम्हारे मायके आ जाऊंगा। इतने में ये बात बेटी ने माता पिता से कही।

बस क्या था, उन अभिभावकों ने बेटी को फरमान सुना दिया कि ध्यान से सुन लो जबतक पंखा नही बनवा कर लाओगी ससुराल विदा नही करेंगे। कौन ला देगा पंखा, किसे रहेंगे हम सब गर्मी में। बेटी ठीक दूसरे दिन उस मेकेनिक के पास पहुंची कहा आप मुझे आज ही वो पंखा बनाकर दे दीजिए क्योंकि जबतक पंखा नही बनेगा वो ससुराल नही जा पाएगी।

मेकेनिक ने उसकी बात जैसे सुनी की वो भौचक्का रह गया। उसने उस बेटी को नया पंखा उसी तरह का निकाल कर दे दिया। कहा आपका पंखा अभी तक नही बना है, आप नया पंखा लेकर जाइये और हंसी खुशी ससुराल जाइये। उस बेटी के चेहरे पर की खुशी देखते ही बन रही थी। वो बोली आज शाम में ही उसके पति उसकी विदाई करने आ जाएंगे अब।

इस तरह से एक पंखे ने उस बेटी के मायके और ससुराल के रिश्ते को इस भीषण गर्मी में ठंडक दी। पंखे का असली क्रेज आज महसूस किया उस मेकेनिक ने।





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